Maruti Suzuki का बड़ा कदम: अब ‘स्विवेल सीट’ के साथ आएगी वैगन-आर, बुजुर्गों और दिव्यांगों का सफर होगा आसान

अब बिना किसी परेशानी के कार में चढ़-उतर सकेंगे खास यात्री

Maruti Suzuki ‘जॉय ऑफ मोबिलिटी’ के तहत मारुति ने पेश की खास तकनीक; अब बिना किसी परेशानी के कार में चढ़-उतर सकेंगे खास यात्री

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने समावेशी गतिशीलता (Inclusive Mobility) की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी सबसे लोकप्रिय कारों में से एक, WagonR (वैगन-आर) के लिए एक विशेष ‘स्विवेल सीट’ (Swivel Seat) विकल्प लॉन्च करने की घोषणा की है। यह नवाचार विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि उनके लिए कार का सफर अधिक आरामदायक और गरिमामय बन सके।

क्या है स्विवेल सीट और यह कैसे काम करती है?

स्विवेल सीट एक विशेष प्रकार की घूमने वाली सीट होती है जिसे कार के गेट की तरफ मोड़ा जा सकता है। अक्सर बुजुर्गों या शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को कार की ऊंची सीटों पर बैठने या उतरने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यह नई सीट बाहर की तरफ घूम जाती है, जिससे व्यक्ति आसानी से सीट पर बैठ सकता है और फिर सीट वापस अंदर की ओर लॉक हो जाती है। मारुति सुजुकी ने इस तकनीक के लिए बैंगलोर स्थित स्टार्टअप TRUEAssist Technology के साथ हाथ मिलाया है। यह पहल मारुति के स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रोग्राम (IIM बैंगलोर के सहयोग से) का हिस्सा है।

पुरानी वैगन-आर में भी लग सकेगी यह सीट

इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ नई कारों तक सीमित नहीं है।

  • रिट्रो-फिटमेंट किट: ग्राहक इस स्विवेल सीट को एक रिट्रो-फिटमेंट किट के रूप में मारुति सुजुकी एरिना (ARENA) डीलरशिप से खरीद सकते हैं।

  • मौजूदा ग्राहक: यदि आपके पास पहले से वैगन-आर है, तो आप इसे अपनी पुरानी कार में भी लगवा सकते हैं।

  • वारंटी और सुरक्षा: इस किट की सुरक्षा की जांच ARAI (Automotive Research Association of India) द्वारा की गई है। साथ ही, कंपनी इस सीट पर 3 साल की वारंटी भी दे रही है।

11 शहरों से हुई शुरुआत

मारुति सुजुकी ने इस प्रोजेक्ट को अभी एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। वर्तमान में यह सुविधा भारत के 11 प्रमुख शहरों के 200 से अधिक एरिना शोरूम पर उपलब्ध होगी। ग्राहकों की प्रतिक्रिया और मांग को देखते हुए भविष्य में इसे पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा।

अधिकारियों का क्या कहना है?

लॉन्च के अवसर पर मारुति सुजुकी इंडिया के एमडी और सीईओ, हिसाशी ताकेउची ने कहा, “स्विवेल सीट वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के दैनिक सफर को अधिक सुविधाजनक बनाएगी। वैगन-आर भारत की टॉप-10 कारों में शामिल है, इसलिए इस फीचर को व्यापक जनता तक पहुँचाने के लिए यह सबसे उपयुक्त मॉडल है। हमारा लक्ष्य ‘जॉय ऑफ मोबिलिटी’ को हर व्यक्ति तक पहुँचाना है।”

वहीं, TRUEAssist Technology की संस्थापक नैना पदकी ने कहा, “मारुति सुजुकी के साथ काम करना एक शानदार अनुभव रहा। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी के साथ जुड़कर हम समावेशी गतिशीलता को एक मुख्यधारा की वास्तविकता बना सकते हैं।”

वैगन-आर ही क्यों चुनी गई?

मारुति सुजुकी वैगन-आर अपने ‘टॉल बॉय’ डिजाइन के लिए जानी जाती है। इसमें हेडरूम (सिर के ऊपर की जगह) और लेगरूम काफी अधिक होता है। इस डिजाइन की वजह से कार के अंदर प्रवेश करना और बाहर निकलना पहले से ही आसान है, और स्विवेल सीट जुड़ जाने के बाद यह बुजुर्गों के लिए देश की सबसे सुलभ कार बन गई है।

निष्कर्ष: समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी

मारुति सुजुकी की यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG 10) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य असमानता को कम करना है। ऑटोमोबाइल जगत में अक्सर लक्जरी और स्पीड पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन मारुति ने ‘एक्सेसिबिलिटी’ (पहुंच) को मुख्यधारा में लाकर यह साबित कर दिया है कि तकनीक का असली उद्देश्य मानवीय समस्याओं का समाधान करना है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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